पटना, 1 जून। कदमकुआँ स्थित बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में रविवार को एडवर्टाइजमेंट पीआरओ द्वारा आयोजित “काव्य और कला: शब्दों से सृजन तक” कार्यक्रम में साहित्य, संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों का भव्य संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में कलाकारों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों और संस्कृति प्रेमियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल सुलभ सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध फिल्ममेकर एवं कोरियोग्राफर मास्टर उज्ज्वल तथा लेखक कुंदन कुमार ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दोनों अतिथियों ने कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए युवा प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
आयोजन के दौरान कविता पाठ, गायन, नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को उपस्थित दर्शकों और साहित्य प्रेमियों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। “परफॉर्मर ऑफ द डे” सम्मान से प्रीति उपाध्याय (गायन), विवेक कुमार (कविता) और अंशु कुमारी (नृत्य) को नवाजा गया। विजेताओं को विशेष सम्मान स्वरूप चांदी के 500 रुपये के स्मारक नोट प्रदान किए गए। वहीं, सपोर्टिंग पार्टनर वेरायटी मेगा मॉल की ओर से भी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को विशेष उपहार दिए गए।
कार्यक्रम का संचालन प्रेरणा, आदित्य एवं उनकी टीम ने किया। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले कलाकारों, अतिथियों, मीडिया सहयोगियों, निर्णायक मंडल और जनसंयोग मंच के प्रति आभार व्यक्त किया।
आयोजन का उद्देश्य साहित्य, संगीत, नृत्य, नाटक और अन्य कलाओं को एक साझा मंच प्रदान कर नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना था।
Share this content:



