पटना, नवंबर – पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर बुधवार को छात्रों और पुलिस के बीच बड़ा टकराव हुआ। छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें दर्जनभर से अधिक छात्र घायल हो गए। घायल छात्रों में से कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
2 सालों से नहीं हुए छात्र संघ चुनाव
पटना यूनिवर्सिटी में पिछले दो सालों से छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। छात्रों का कहना है कि छात्र संघ के अभाव में उनकी समस्याएं अनसुनी रह जाती हैं। इसी को लेकर बुधवार को छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और चुनाव की मांग को लेकर नारेबाजी की।

लाठीचार्ज में कई छात्र घायल
पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो लाठीचार्ज किया गया। इसमें छात्र शशि कुमार, रविरंजन, रिंकल, और शाश्वत शेखर सहित कई छात्रों को चोटें आईं।
घायल छात्र नेता शशि रंजन ने कहा, “हमारी मांग पूरी तरह से जायज है। हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने पुलिस बुलाकर हमें दबाने की कोशिश की।”
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने गेट बंद करने और विश्वविद्यालय के कामकाज को बाधित करने की कोशिश की। स्थिति को काबू में लाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। टाउन डीएसपी ने इस कार्रवाई का नेतृत्व किया।
छात्रों का आक्रोश बढ़ा
घटना के बाद छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया है। उनका कहना है कि वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। घायल छात्र शाश्वत शेखर ने कहा, “यह हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। अब हम और मजबूती से अपनी मांग को उठाएंगे।”
यूनिवर्सिटी प्रशासन की चुप्पी
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि प्रशासन का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव कराना मुश्किल है।
छात्र संघ चुनाव क्यों है महत्वपूर्ण?
छात्र संघ चुनाव छात्रों को अपनी समस्याओं को रखने और समाधान के लिए एक वैध मंच प्रदान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक चुनाव न होने से छात्रों का असंतोष बढ़ता है, जो इस तरह के आंदोलनों का कारण बनता है।
आगे क्या?
छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। इस घटना ने पटना यूनिवर्सिटी में छात्र-प्रशासन संबंधों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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