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पटना विश्वविद्यालय में महिला दिवस पर कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता पर जोर

Celebrating Women's Empowerment at Patna University! 🎤✨

पटना: पटना विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पत्रकारिता एवं जनसंचार (M.J.M.C) विभाग में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं के उत्थान और लैंगिक समानता के महत्व पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर विभाग के निदेशक एवं हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने कहा कि समाज की समग्र प्रगति के लिए महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को यदि समान अधिकार और अवसर नहीं दिए गए, तो एक विकसित और सशक्त भारत का सपना अधूरा रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान एमजेएमसी पाठ्यक्रम की समन्वयक डॉ. शिप्रा शर्मा ने ‘लेडिज़ फर्स्ट’ अवधारणा के पीछे के मूल कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महिलाओं और पुरुषों की शारीरिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में अंतर को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को कुछ विशेष सुविधाएं और अवसर प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे भी पुरुषों के समान प्रगति कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण और प्रोत्साहन की आवश्यकता है।

मीडिया शिक्षक डॉ. गौतम कुमार ने पत्रकारिता और मीडिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सराहा और कहा कि इस क्षेत्र में महिलाएं उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं, जो पुरुषों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया संस्थानों में लैंगिक संवेदनशीलता और समानता को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि महिलाओं को सशक्त भूमिका निभाने के अधिक अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों को सुरक्षित और सहयोगी कार्यस्थल प्रदान करना मीडिया संगठनों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन एमजेएमसी सेकंड सेमेस्टर की छात्रा मधुयंका राज ने किया। इस आयोजन में पीजी हिंदी विभाग के डॉ. संजय सागर, मीडिया शिक्षक रचना सिंह, प्रशांत रंजन सहित विभिन्न सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। छात्रों ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, रोजगार, और समाज में उनकी बढ़ती भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान महिला अधिकारों, उनके संघर्षों और उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया गया कि महिलाओं के बिना समाज और राष्ट्र की पूर्ण प्रगति संभव नहीं है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता के संकल्प को दोहराया, जिससे यह कार्यक्रम प्रेरणादायक और जागरूकता बढ़ाने वाला बन गया।

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