जमुई, बिहार – 22 सितंबर, 2024
बिहार के जमुई जिले में एक 18 वर्षीय युवक, मिथिलेश कुमार, को पुलिस ने फर्जी IPS अधिकारी बनने के आरोप में गिरफ्तार किया। मिथिलेश बिना UPSC परीक्षा पास किए IPS की वर्दी में घूमता हुआ पकड़ा गया। उसने फर्जी अधिकारी बनने की खुशी में समोसा पार्टी का आयोजन किया था, लेकिन उसकी हरकतें लोगों को संदेहास्पद लगीं। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सिकंदरा थाना पुलिस ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
फर्जीवाड़े की पूरी साजिश
पुलिस की जांच में पता चला कि मिथिलेश ने 2.30 लाख रुपये देकर वर्दी, बैज और पिस्टल खरीदी थी। मिथिलेश ने पुलिस को बताया कि खैरा इलाके के एक शख्स, मनोज सिंह, ने उसे पुलिस में नौकरी देने का झांसा दिया था। मनोज सिंह ने उसका नाप लेकर उसे फर्जी वर्दी और पिस्टल मुहैया कराई, जिसके बाद मिथिलेश ने खुद को IPS अधिकारी मान लिया और अपनी नई पहचान का जश्न मनाने लगा।
मिथिलेश के पास से जो महंगी बाइक बरामद हुई, उस पर पुलिस का स्टीकर भी चिपका हुआ था। पूछताछ में मिथिलेश ने बताया कि उसने यह बाइक अपने मामा से पैसे उधार लेकर खरीदी थी। अब पुलिस मनोज सिंह और उसके गिरोह की तलाश में जुटी है, ताकि इस फर्जीवाड़े का पूरा पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस की प्रतिक्रिया
जमुई के SDPO सतीश सुमन ने कहा कि मिथिलेश कुमार को फर्जी वर्दी और पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया है। अगर उसकी बातों में सच्चाई है, तो यह मामला एक बड़े गिरोह का संकेत हो सकता है जो लोगों को नौकरी के नाम पर ठगता है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही अन्य दोषियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
संबंधित गिरोह की खोज
इस घटना के बाद, पुलिस ने मनोज सिंह की तलाश शुरू कर दी है, जो इस फर्जीवाड़े में प्रमुख आरोपी माना जा रहा है। मिथिलेश ने बताया कि वह अभी 30,000 रुपये और देने वाला था, जिसके बाद उसकी पहचान पूरी तरह से एक अधिकारी के रूप में स्थापित होती। पुलिस की जांच से यह साफ हो चुका है कि बिहार में इस तरह के फर्जीवाड़े के पीछे एक बड़ा रैकेट सक्रिय है
आगे की कार्रवाई
जमुई पुलिस अब यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रही है कि इस तरह के फर्जीवाड़े को बढ़ावा देने वाले गिरोहों पर रोक लगाई जाए। मिथिलेश की गिरफ्तारी ने राज्य में चल रहे फर्जीवाड़े और लोगों को ठगने वाले गिरोहों पर बड़ा सवाल खड़ा किया है |
मिथिलेश की गिरफ्तारी ने इस बात पर भी सवाल खड़ा किया है कि कैसे इतने आसानी से नकली पहचान और वर्दी हासिल की जा सकती है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। पुलिस इस मामले में और भी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है, और आने वाले दिनों में इस गिरोह के और भी सदस्य पकड़े जा सकते हैं।
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